✦ ॥ नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स ॥ ✦

उपदेश

  • प्रस्तावना

    प्रस्तावना

    📂 ग्रन्थ / निश्चल मन, गहरा वन

    क्या आज भी ऐसे भिक्षु और भिक्षुणियाँ मौजूद हैं जो सादगी और ध्यान का जीवन जीते हों? क्या आज भी कोई है जो केवल भिक्षा पर निर्भर रहकर घने जंगलों में निवास करता हो?

  • भाग दो

    भाग दो

    📂 ग्रन्थ / निश्चल मन, गहरा वन

    अजान चाह हमें सचेत करते हैं कि जब आप मशरूम बीनने जाते हैं, तो आपको यह पता होना चाहिए कि क्या ढूँढना है। कौन सा मशरूम खाने लायक है और कौन सा जहरीला? इसी तरह, जब आप आध्यात्मिक साधना का बीड़ा उठाते हैं, तो आपको यह भी मालूम होना चाहिए कि किन मनोवृत्तियों को पोषण देना है, किन खतरों से बचना है और किन …

  • निश्चल मन, गहरा वन

    निश्चल मन, गहरा वन

    📂 ग्रन्थ

    यह पुस्तक प्रसिद्ध थाई अरहंत भिक्षु अजान चाह के सहज, सीधे और अनुभव-आधारित उपदेशों का संकलन है। यह पुस्तक बताती है कि जब मन शांत होता है, तो धम्म अपने आप स्पष्ट होने लगता है—और यही साधना का असली सार है।

  • १. मूलपरियाय सुत्त

    १. मूलपरियाय सुत्त

    📂 सुत्तपिटक / मज्झिमनिकाय

    इस निकाय के पहले ही धमाकेदार सूत्र को सुनकर कोई खुश नहीं हुआ! “क्या ब्रह्मांड का कोई मूल या जड़ है?” भगवान का उत्तर!