धर्म में हास्य मात्र मनोरंजन नहीं, बल्कि गहन बोध और आत्मचिंतन का माध्यम है। हल्के-फुल्के प्रसंग होठों पर मुस्कान लाते हैं और भीतर नई दृष्टि जगाते हैं। जीवन की गंभीर सच्चाइयों को सहज हास्य में ढालना न केवल जटिलता हल्की करता है, बल्कि बोधि-मार्ग भी सुगम बनाता है। प्रस्तुत हैं ऐसे ही कुछ प्रसंग, जहाँ हास्य में छिपा है गहरा अर्थ!
यह किताब दुनियाभर में पसंद की जाती है क्योंकि इसमें जीवन की गहरी बातों को बेहद मज़ेदार और हल्के अंदाज़ में बताया गया है। उनकी हास्यभरी कहानियाँ पढ़ते-पढ़ते आप हँसते भी हैं और अनजाने में कुछ बड़ा समझ भी जाते हैं — यही इसकी खासियत है!
ये दोनों हास्य प्रसंग पूज्य बन भंते द्वारा अपने सहज अंदाज़ में सुनाए गए हैं।
🔔 हमें उम्मीद हैं कि यह संग्रह समय के साथ बढ़ता जाएगा!
अजान ब्रह्म | २००४ | ऑस्ट्रेलिया
🔔 इनका अनुवाद हो रहा है। कृपया धीरज रखें!

पूज्य बन भंते चकमा बौद्ध परंपरा के अत्यंत श्रद्धेय और विरल आर्य-शिष्य (अरहंत) माने जाते हैं। उनका जीवन पूर्णतः साधना, शील और विरक्ति पर आधारित था। सादगी, मौन और कठोर आत्मअनुशासन उनके व्यक्तित्व की स्पष्ट पहचान रहे। उन्होंने किसी संगठन या प्रचार के स्थान पर एकांत साधना और प्रत्यक्ष अनुभव को ही धम्म का वास्तविक आधार माना।
बारह वर्षों तक श्रामणेर रहकर जंगल में ध्यान करने के पश्चात, फिर उन्होंने भिक्षु उपसंपदा ली। बाना भंते की विशेषता यह थी कि उन्होंने बुद्ध के उपदेशों का अध्ययन किसी दार्शनिक विमर्श के लिए नहीं, बल्कि उन्हें जीवन में उतारने के उद्देश्य से किया। उनकी साधना का केंद्र रहा—कठोर धुतांग अभ्यास, शील की शुद्धता, चित्त की स्थिरता, प्रज्ञा का प्रत्यक्ष विकास, और चित्त की संपूर्ण मुक्ति।
इसी कारण वे केवल चकमा बौद्ध समाज में ही नहीं, बल्कि अन्य बौद्ध परंपराओं के साधकों के बीच भी गहन सम्मान की दृष्टि से देखे जाते हैं। उनका पार्थिव शरीर आज भी राजबन विहार (रंगमती, बांग्लादेश) में सुरक्षित है, जहाँ प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।

अजान (=आचार्य) ब्रह्म, एक थेरवादी बौद्ध भिक्षु, अपनी बुद्धिमत्ता और हास्यपूर्ण शैली के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं। इंग्लैंड में जन्मे, उन्होंने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से सैद्धांतिक भौतिकी की पढ़ाई की, लेकिन गहरी आध्यात्मिक खोज ने उन्हें थाईलैंड में अजान चा के शिष्य बनने के लिए प्रेरित किया। बाद में, वे ऑस्ट्रेलिया में बोधिन्याण विहार के प्रमुख बने। उनकी शिक्षाएँ गहरी प्रज्ञा और हल्के हास्य का अनूठा संगम हैं, जो ध्यान और जीवन के अर्थ को सरलता से समझाने में मदद करती हैं।

आप एक प्रतिष्ठित थेरवादी भिक्षु और ध्यानसाधना के आचार्य हैं, जिन्हें स्नेहपूर्वक “अजान जेफ़” के नाम से भी जाना जाता है। आप अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया स्थित “मेत्ता अरण्य विहार” (Metta Forest Monastery) में निवास करते हैं, जहाँ आपने गहन ध्यान साधना, धर्म-विनय के अनुशासित पालन, और प्राचीन पाली ग्रंथों के अध्ययन व शिक्षण को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाया है।
धर्म और विनय पर आपकी गहरी पकड़ और तर्कसम्मत व्याख्यानों से दुनियाभर के भिक्षु और साधक प्रेरित हुए हैं। आपने सुत्तपिटक और विनयपिटक के अधिकांश ग्रंथों का अंग्रेज़ी में सरल व सटीक अनुवाद किया है, जिससे पाली बौद्ध ग्रंथों की मौलिकता और गहराई जनसामान्य तक सहज रूप से पहुँच सके। आपके ध्यान और बौद्ध दर्शन पर दिए गए प्रवचन आधुनिक जीवन में भी अत्यंत प्रासंगिक हैं, जिससे असंख्य साधकों को आध्यात्मिक दिशा मिली है।
आपका योगदान धम्मदीप.com से जुड़े सभी भिक्षुओं के आध्यात्मिक विकास में सबसे महत्वपूर्ण रहा है, और आप ही इस मंच के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं। आप की शिक्षाएँ और अनुवाद dhammatalks.org पर अँग्रेजी में निःशुल्क उपलब्ध हैं।