✦ ॥ नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स ॥ ✦

पटिपदा

  • आहार प्रतिकूल संज्ञा

    आहार प्रतिकूल संज्ञा

    📂 लेख

    भगवान कहते हैं—आहार-प्रतिकूल नज़रिए की साधना करना, उसे विकसित करना — महाफ़लदायी, महालाभकारी होता है। वह अमृत में डुबोता है, अमृत में पहुँचाता है। कैसे साधक आहार-प्रतिकूल नज़रिए की साधना करता है?

  • २. सब्बासव सुत्त

    २. सब्बासव सुत्त

    📂 सुत्तपिटक / मज्झिमनिकाय

    मुख्य सुत्तपिटक मज्झिमनिकाय २. सब्बासव सुत्त सभी आस्रव 🔄 अनुवादक: भिक्खु कश्यप | ⏱️ २२ मिनट सूत्र परिचय जैसे दीघनिकाय की शुरुवात बड़े ही पेचीदा ‘ब्रह्मजाल सुत्त’ से होती है, जिसमें हमें यह पता चलता है कि ‘धम्म क्या नहीं है।’ जबकि दूसरे ‘श्रामण्यफल सुत्त’ में पता …