✦ ॥ नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स ॥ ✦

कंजूस

  • ४. दान

    ४. दान

    📂 ग्रन्थ / पुण्य

    दान-संविभाग के जो फ़ल मुझे पता चले, यदि दूसरों को भी पता चल जाए, तो बिना दिए, बिना बांटे न कभी कोई भोग करेगा, न कंजूसी से मन मलिन होने देगा! भले ही किसी मूंह का आख़िरी निवाला हो, किंतु यदि कोई दानयोग्य मौजूद हो तो वह बिना दिए, बिना बांटे खा नहीं पाएगा।