✦ ॥ नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स ॥ ✦

तर्क

  • तर्क बनाम विवेक

    तर्क बनाम विवेक

    📂 लेख

    तर्क आवश्यक है, इसमें कोई संदेह नहीं। लेकिन आधुनिक दुनिया में तर्क एक अतिरंजित और अनिवार्य गुण बन चुका है।

  • परिचय

    परिचय

    📂 ग्रन्थ / पुण्य

    पुण्य! एक ऐसा शब्द, जिसे हम बचपन से सुनते चले आ रहे हैं। जिस पर दर्जनों पुस्तकें और सैकड़ों प्रवचन उपलब्ध हैं। शायद ही कोई पुण्य की संकल्पना से अनजान होगा। लेकिन कितने लोग वास्तव में जानते हैं कि इसका क्या अर्थ है? और क्यों इसे करना चाहिए?

  • २. प्राथमिक अंतर्ज्ञान

    २. प्राथमिक अंतर्ज्ञान

    📂 ग्रन्थ / पुण्य

    ऐसा होता है कि दुःख से हारा, चित्त से बेकाबू, एक व्यक्ति—अफ़सोस करता है, ढ़ीला पड़ता है, विलाप करता है, छाती पीटता है, बावला हो जाता है। किंतु दुःख से हारा, चित्त से बेकाबू, दूसरा व्यक्ति—बाहर ख़ोज करने निकल पड़ता है। सोचते हुए, ‘कौन इस दुःख को ख़त्म करने के एक-दो उपाय जानता है?

  • १. ब्रह्मजालसुत्तं

    १. ब्रह्मजालसुत्तं 📍

    📂 सुत्तपिटक / दीघनिकाय

    सुत्तपिटक का पहला सूत्र स्पष्ट करता है कि क्या धर्म ‘नहीं’ है। भगवान इसमें दुनिया के विविध धार्मिक-अधार्मिक मान्यताओं के मायाजाल को तोड़ते हैं।