✦ ॥ नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स ॥ ✦

दान

  • ४. दान

    ४. दान

    📂 ग्रन्थ / पुण्य

    दान-संविभाग के जो फ़ल मुझे पता चले, यदि दूसरों को भी पता चल जाए, तो बिना दिए, बिना बांटे न कभी कोई भोग करेगा, न कंजूसी से मन मलिन होने देगा! भले ही किसी मूंह का आख़िरी निवाला हो, किंतु यदि कोई दानयोग्य मौजूद हो तो वह बिना दिए, बिना बांटे खा नहीं पाएगा।

  • २३. पायासि सुत्त

    २३. पायासि सुत्त

    📂 सुत्तपिटक / दीघनिकाय

    राजा पायासि जिद्दी, भौतिकवादी और नास्तिक था। उसने ‘मरणोपरांत परलोक-वरलोक नहीं होता’ यह साबित करने के लिए बहुत अजीब प्रयोग किए थे। अंततः वह आकर अरहंत भिक्षु कुमार कश्यप से एक मनोरंजन-पूर्ण और यादगार बहस करता है।