✦ ॥ नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स ॥ ✦

देवराज इन्द्र

  • १८. जनवसभ सुत्त

    १८. जनवसभ सुत्त

    📂 सुत्तपिटक / दीघनिकाय

    भगवान बुद्ध के एक पूर्वजन्म की प्रेरणादायी और रोमांचकारी कथा, जिसमें वे एक महान चक्रवर्ती सम्राट बने। सुदर्शन महाराज की महानता उनकी सहजता में घुल-मिलकर इस जातक कथा को अत्यंत रोचक और कभी न भूलनेवाली बनाती है।

  • १९. महागोविन्द सुत्त

    १९. महागोविन्द सुत्त

    📂 सुत्तपिटक / दीघनिकाय

    भगवान बुद्ध की एक और प्रेरणादायी जातक कथा, जिसमें उन्होने अपनी कार्यक्षमता से भूतकाल के भारत को आकार दिया। और, फिर धर्म की ओर मुड़कर सनातन ब्रह्म-धर्म ढूँढ निकाला, और उसे पैगंबर या ईश्वर के दूत की तरह संपूर्ण जम्बूद्वीप में फैलाया।

  • २१. सक्कपञ्ह सुत्त

    २१. सक्कपञ्ह सुत्त

    📂 सुत्तपिटक / दीघनिकाय

    देवताओं का राजा होने के कारण, इन्द्र सक्क, सद्धर्म सुनने से वंचित रहता था। जब भी वह ऋषियों ने धर्म पुछने जाता, ऋषि ही उनसे पुछने लगते। अंततः उसने भगवान से भेंट की और धर्म के उत्तर सुनकर श्रोतापन्न बना।