✦ ॥ नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स ॥ ✦

विमोक्ष

  • १५. महानिदान सुत्त

    १५. महानिदान सुत्त

    📂 सुत्तपिटक / दीघनिकाय

    आयुष्मान आनन्द को लगता है कि उन्होने प्रतीत्य समुत्पाद को गहराई से जान लिया। भगवान उन्हें चेताते हैं कि इतना आत्मविश्वास मत पालो। और, तब दुःख के विविध कारण और निर्भर घटकों का गहराई से वर्णन करते है।

  • १६. महापरिनिब्बान सुत्त

    १६. महापरिनिब्बान सुत्त

    📂 सुत्तपिटक / दीघनिकाय

    यह पालि साहित्य का सबसे लंबा सूत्र है, जो बुद्ध की परिनिर्वाण कथा को विवरण के साथ बताता है। भगवान बुद्ध के अंतिम दिनों के बारे में यहाँ लंबा ब्योरा मिलता है, जिससे बुद्ध के व्यक्तित्व की गहराई झलकती है।