✦ ॥ नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स ॥ ✦

व्रतिक

  • ८. महासीहनादसुत्तं

    ८. महासीहनादसुत्तं

    📂 सुत्तपिटक / दीघनिकाय

    एक नंगे साधु को काया का कठोर तप करने में ही दिलचस्पी है। किन्तु भगवान उसे बताते हैं कि तब भी उसका मन दूषित रह सकता है।