✦ ॥ नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स ॥ ✦

सत्पुरुष

  • भाग पाँच

    भाग पाँच

    📂 ग्रन्थ / प्रत्येक श्वास के साथ

    हर गंभीर साधक को एक गुरु की आवश्यकता होती है। चूंकि ध्यान-अभ्यास 'व्यवहार के नए तरीकों' का प्रशिक्षण है, इसलिए आप सबसे अच्छा तब सीखते हैं जब आप किसी अनुभवी साधक को कार्य करते हुए देख सकें और साथ ही, एक अनुभवी साधक आपको कार्य करते हुए देख सके।

  • आवाहन

    आवाहन

    📂 ग्रन्थ / पुण्य

    दुनिया ने अचानक एक बड़ा मोड़ लिया है और उत्क्रांति के नए चरण में प्रवेश किया है। अब तेजी से आ रहे बदलाव नाटकीय स्तर पर हैं—कल्पना से परे।