✦ ॥ नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स ॥ ✦

साधना

  • भाग दो

    भाग दो

    📂 ग्रन्थ / निश्चल मन, गहरा वन

    अजान चाह हमें सचेत करते हैं कि जब आप मशरूम बीनने जाते हैं, तो आपको यह पता होना चाहिए कि क्या ढूँढना है। कौन सा मशरूम खाने लायक है और कौन सा जहरीला? इसी तरह, जब आप आध्यात्मिक साधना का बीड़ा उठाते हैं, तो आपको यह भी मालूम होना चाहिए कि किन मनोवृत्तियों को पोषण देना है, किन खतरों से बचना है और किन …

  • ७. भावना

    ७. भावना

    📂 ग्रन्थ / पुण्य

    जो पुण्यक्रिया के तमाम आधार आपोआप (स्वर्ग में) उत्पन्न कराते हैं, वे ‘मेत्ता चेतोविमुक्ति’ के सोलहवें हिस्से के बराबर भी नहीं हैं। मेत्ता तमाम पुण्यों से आगे बढ़कर अधिक चमकती है, उजाला करती है, चकाचौंध करती है।

  • निश्चल मन, गहरा वन

    निश्चल मन, गहरा वन

    📂 ग्रन्थ

    यह पुस्तक प्रसिद्ध थाई अरहंत भिक्षु अजान चाह के सहज, सीधे और अनुभव-आधारित उपदेशों का संकलन है। यह पुस्तक बताती है कि जब मन शांत होता है, तो धम्म अपने आप स्पष्ट होने लगता है—और यही साधना का असली सार है।

  • प्रत्येक श्वास के साथ

    प्रत्येक श्वास के साथ

    📂 ग्रन्थ

    थानिस्सरो भिक्षु की यह प्रसिद्ध कृति ध्यान-साधना पर आधारित एक सरल, स्पष्ट और पूरी तरह व्यावहारिक मार्गदर्शिका है। यह पुस्तक दो भरोसेमंद स्रोतों से प्रेरित है—एक ओर बुद्ध का आनापान, और दूसरी ओर आचार्य 'अजान ली धम्मधरो' की ध्यान-पद्धति। दोनों के मेल से यह ग्रंथ साधक को समाधि और प्रज्ञा विकसित करते हुए …