✦ ॥ नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स ॥ ✦

३२ महापुरुष लक्षण

  • ३. अम्बट्ठसुत्तं

    ३. अम्बट्ठसुत्तं

    📂 सुत्तपिटक / दीघनिकाय

    इस तीखी बहस में भगवान घमंडी ब्राह्मण युवक की जाति पुछकर उसकी स्वघोषित श्रेष्ठता को सीधी चुनौती देते है, और अहंकार चूर कर देते है।

  • १४. महापदान सुत्त

    १४. महापदान सुत्त

    📂 सुत्तपिटक / दीघनिकाय

    दुर्लभ ही होता है कि जब भगवान भिक्षुसंघ को बैठकर कोई कथा सुनाए। यह कथा पिछले सात सम्यक-सम्बुद्धों की महाकथा हैं। किन्तु, प्रश्न उठता है कि भगवान को यह महाकथा भला कैसे पता है?

  • १७. महासुदस्सन सुत्त

    १७. महासुदस्सन सुत्त

    📂 सुत्तपिटक / दीघनिकाय

    भगवान बुद्ध के एक पूर्वजन्म की प्रेरणादायी और रोमांचकारी कथा, जिसमें वे एक महान चक्रवर्ती सम्राट बने। सुदर्शन महाराज की महानता उनकी सहजता में घुल-मिलकर इस जातक कथा को अत्यंत रोचक और कभी न भूलनेवाली बनाती है।

  • ३०. लक्खणसुत्त

    ३०. लक्खणसुत्त

    📂 सुत्तपिटक / दीघनिकाय

    पहले ब्राह्मणों के वेदों में ‘बत्तीस महापुरुष लक्षण’ का लंबा विवरण दर्ज था, जो आज दिखाई नहीं देता। यह सूत्र बताता है कि बुद्ध के पूर्वजन्म में किस कर्म के परिणामस्वरूप आज कौन-सा लक्षण उपजा।